बेटियों के प्रति माता-पिता का ज्यादा झुकाव: अध्ययन और प्रभाव









बेटियों के प्रति माता-पिता का ज्यादा झुकाव: अध्ययन और प्रभाव

बेटियों के प्रति माता-पिता का ज्यादा झुकाव: अध्ययन और प्रभाव

शोध की मुख्य बातें

दुनिया में सभी माता-पिता अपनी संतान को सबसे अधिक प्रिय मानते हैं। लेकिन हालिया शोध में यह पाया गया है कि बेटों की तुलना में बेटियों के प्रति माता और पिता का झुकाव अधिक होता है। यह अध्ययन साइकोलॉजी बुलेटिन में प्रकाशित हुआ है।

इस शोध के लेखक अलेक्जेंडर जेनसेन ने कहा कि यह अध्ययन इस बात को समझने में मदद करता है कि माता-पिता का झुकाव बच्चों के साथ उनके संबंधों और बच्चों के विकास को कैसे प्रभावित करता है।

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बेटियों और सीधे सादे बच्चों को अधिक महत्व

शोध में सामने आया है कि माता-पिता उन बच्चों की ओर अधिक झुकाव रखते हैं जो सीधे-सादे होते हैं और उनकी बातों को आसानी से मान लेते हैं। इसके अलावा, बेटियों को भी बेटों की तुलना में अधिक प्राथमिकता दी जाती है।

हालांकि, इस प्रकार का भेदभावपूर्ण व्यवहार उन बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है जिन्हें कम अहमियत दी जाती है।

बच्चों के विकास पर प्रभाव

यह शोध अमेरिका की ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी और कनाडा की वेस्टर्न यूनिवर्सिटी में किया गया। अध्ययन के अनुसार, माता-पिता का भेदभावपूर्ण व्यवहार बच्चों के विकास पर गहरा असर डाल सकता है।

विशेष रूप से वे बच्चे जो माता-पिता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरते या जिन्हें कम अहमियत दी जाती है, वे आत्मविश्वास की कमी और मानसिक तनाव का शिकार हो सकते हैं।

समाधान की आवश्यकता

शोधकर्ताओं का कहना है कि यह अध्ययन यह समझने में मदद कर सकता है कि माता-पिता के व्यवहार का बच्चों पर क्या असर होता है। इससे यह पता लगाने में सहायता मिलेगी कि परिवार के भीतर संतुलन कैसे बनाया जा सकता है और सभी बच्चों को समान महत्व कैसे दिया जा सकता है।

समाज और परिवारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चों के साथ समान व्यवहार हो, ताकि सभी बच्चे अपनी पूर्ण क्षमता के साथ विकसित हो सकें।

स्रोत: साइकोलॉजी बुलेटिन


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