पुरानी पेंशन मिले तो बने बात
By Meena Mishra, Retired Employee | January 18, 2025
कर्मचारियों की पेंशन से जुड़ी गंभीर समस्या
प्रकाश नारायण मिश्रा, जो रायबरेली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी थे, के निधन के बाद, उनकी पत्नी मीना मिश्रा को मृतक आश्रित के रूप में 2006 में लिपिक के पद पर नौकरी मिली। 17 नवंबर 2017 को वे सेवानिवृत्त हो गईं। उनकी अंतिम वेतन 30,000 रुपये थी, लेकिन अब उन्हें एनपीएस (नेशनल पेंशन स्कीम) के तहत केवल 936 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है।
936 रुपये में कैसे गुजारा होगा?
जिन्हें उनके कार्यकाल के बाद पेंशन मिलनी चाहिए, उनका जीवन इतना मुश्किल क्यों हो? 936 रुपये में कैसे गुजारा किया जा सकता है? यह सवाल हर पेंशनर के मन में है। मीना मिश्रा का कहना है कि सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उचित पेंशन देने का रास्ता निकालना चाहिए।
पुरानी पेंशन बहाली की मांग
उन्होंने सरकार से पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने की अपील की है। उनका कहना है कि जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होगी, तब तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कोई राहत नहीं मिल सकती। साथ ही, पेंशन प्रक्रिया को सरल बनाने की भी आवश्यकता है, ताकि पेंशनर्स को समस्याओं का सामना न करना पड़े।
प्रशासन की जिम्मेदारी
कर्मचारी जो वर्षों तक अपनी सेवाएं देते हैं, उनकी मेहनत का सही मूल्य उन्हें उनकी सेवानिवृत्त होने के बाद मिलना चाहिए। अगर सरकार पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं करती है, तो लाखों पेंशनर्स का जीवन आर्थिक संकट में फंसा रहेगा। सरकार को इस मुद्दे को प्राथमिकता देनी चाहिए और पेंशन को एक सम्मानजनक स्थिति में लाना चाहिए।
