ईपीएफओ सदस्यों को राहत देने के लिए बजट में कई कदमों की हो सकती है घोषणा
बजट 2025-26 में सामाजिक सुरक्षा को बढ़ाने के लिए सरकार कर सकती है बड़े ऐलान।
पीएफ को पेंशन में बदलने का विकल्प
केंद्र सरकार ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) के सदस्यों के लिए उनके पीएफ कोष को पेंशन में बदलने का विकल्प लाने पर विचार कर रही है।
- यह विकल्प उन कर्मचारियों को मिलेगा जो सेवानिवृत्ति के बाद अपनी जमा धनराशि को पेंशन में बदलना चाहते हैं।
- 58 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन शुरू करने के बजाय इसे 60 या 65 वर्ष से शुरू करने का भी विकल्प होगा।
इस विकल्प से पेंशन कोष में जमा राशि पर ब्याज मिलता रहेगा, जिससे पेंशन की राशि बढ़ जाएगी।
पीएफ खाते में एकमुश्त धनराशि जमा करने की सुविधा
सरकार ईपीएफओ सदस्यों को नियमित मासिक अंशदान के अतिरिक्त एकमुश्त धनराशि खाते में जमा करने की अनुमति देने पर विचार कर रही है।
- यह सुविधा सामाजिक सुरक्षा के तहत कर्मचारियों को ज्यादा फंड जमा करने का विकल्प देगी।
- सेवानिवृत्ति के समय जमा धनराशि से मिलने वाली पेंशन राशि में वृद्धि होगी।
अतिरिक्त अंशदान पर आयकर छूट
अतिरिक्त अंशदान पर आयकर छूट का प्रावधान भी किया जा सकता है।
- पीएफ में जमा राशि पर बैंकों की एफडी की तुलना में अधिक ब्याज मिलता है (8.25% से अधिक)।
- आयकर छूट का लाभ मिलने पर लोग भविष्य की सुरक्षा के लिए पीएफ खाते में अधिक धनराशि जमा करेंगे।
सेवानिवृत्ति के बाद भी ब्याज का लाभ
अगर कोई सदस्य पेंशन शुरू करने की उम्र को 60 या 65 वर्ष तक बढ़ाना चाहता है, तो सेवानिवृत्ति के बाद भी उसके पेंशन कोष पर वार्षिक ब्याज मिलता रहेगा। इससे पेंशन राशि में वृद्धि होगी और बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा का व्यापक लाभ मिलेगा।
ये अन्य सुविधाएं भी मिल सकती हैं
- ईपीएफओ खाताधारकों को एकमुश्त राशि जमा करने का अधिकार।
- सामाजिक सुरक्षा योजना का विस्तार।
- अतिरिक्त अंशदान पर कर छूट का लाभ।
