आयकर छूट पाने के लिए 15 जनवरी तक मौका
धारा-87ए के तहत पात्र करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाई गई। जानिए कैसे उठा सकते हैं इस अवसर का लाभ।
धारा-87ए के तहत लाभ
आयकर की धारा-87ए के तहत पात्र करदाताओं को आयकर छूट पाने का अवसर प्रदान किया गया है। इसके तहत:
- पुरानी कर व्यवस्था: कुल कर योग्य आय ₹5 लाख तक होने पर ₹12,500 तक की छूट।
- नई कर व्यवस्था: कुल कर योग्य आय ₹7 लाख तक होने पर ₹25,000 तक की छूट।
रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा
आयकर विभाग ने विलंबित और संशोधित आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2025 तय की है। यह समयसीमा पहले 31 दिसंबर 2024 थी, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद इसे बढ़ाया गया।
यह राहत उन करदाताओं के लिए है जिन्होंने वित्त वर्ष 2023-24 का रिटर्न अब तक दाखिल नहीं किया है। निर्धारित तिथि तक रिटर्न न दाखिल करने पर जुर्माना भरना होगा।
जुर्माने की राशि
अगर आप समय पर रिटर्न दाखिल नहीं करते, तो जुर्माने का प्रावधान है:
- सालाना आय ₹5 लाख से अधिक होने पर: ₹5,000 का जुर्माना।
- सालाना आय ₹5 लाख से कम होने पर: ₹1,000 का जुर्माना।
तकनीकी खामियों के कारण छूट
विशेषज्ञों के अनुसार, जुलाई 2024 के बाद आईटीआर सॉफ्टवेयर में बदलाव के कारण कई करदाता रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए थे। इसके चलते विभाग ने कई करदाताओं को कर मांग नोटिस भी भेजे थे।
अब, करदाता बिना किसी तकनीकी परेशानी के रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
अंतिम समय पर रिटर्न दाखिल करना क्यों जरूरी?
विलंबित रिटर्न दाखिल करने का यह आखिरी अवसर है। रिटर्न दाखिल करने से न केवल जुर्माने से बचा जा सकता है, बल्कि धारा-87ए के तहत आयकर छूट का दावा भी किया जा सकता है।
इसलिए, पात्र करदाता जल्द से जल्द रिटर्न दाखिल कर इस अवसर का लाभ उठाएं।
