शाकाहारी और मांसाहारी थाली के दामों में बढ़ोतरी
कीमतों में उछाल के मुख्य कारण
- टमाटर और आलू की कीमतों में वृद्धि: टमाटर के दाम 24% बढ़कर 47 रुपये प्रति किलो और आलू के दाम 50% बढ़कर 36 रुपये प्रति किलो हो गए।
- वनस्पति तेल की बढ़ती कीमतें: त्योहार और शादी के सीजन के दौरान बढ़ी मांग और आयात शुल्क में बढ़ोतरी के चलते वनस्पति तेल 16% महंगा हुआ।
- चिकन की कीमत में बढ़ोतरी: मांसाहारी थाली की कुल लागत में चिकन का 50% योगदान है, जिसकी कीमत में भी वृद्धि दर्ज की गई।
एलपीजी कीमतों की गिरावट से राहत
एलपीजी ईंधन की कीमतों में 11% की गिरावट ने शाकाहारी और मांसाहारी थाली की लागत पर आंशिक राहत दी है। इसके बावजूद खाद्य सामग्री के दामों में उछाल के कारण कुल खर्च बढ़ा है।
मासिक आधार पर प्याज और टमाटर की कीमतों में कमी
नवंबर और दिसंबर के बीच टमाटर की कीमतें 12% और प्याज की कीमतें 12% कम हुई हैं। आलू की कीमतों में भी 2% की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद, जुलाई-अक्टूबर के बीच प्याज, टमाटर और आलू के ऊंचे दामों का असर अभी भी देखा जा रहा है।
थालियों पर महंगाई का प्रभाव
शाकाहारी थाली: टमाटर और आलू की कीमतों में वृद्धि के कारण शाकाहारी थाली की लागत में 24% योगदान रहा।
मांसाहारी थाली: चिकन की बढ़ी हुई कीमतों के कारण इसकी लागत में 50% का योगदान दर्ज हुआ।
