**प्राइमरी शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादलों के लिए सेवा अवधि की बाध्यता खत्म**
राज्य सरकार ने शिक्षकों के लिए नई व्यवस्था की घोषणा की, जिससे तबादले की प्रक्रिया आसान होगी।
**न्यूनतम सेवा अवधि की बाध्यता खत्म**
राज्य सरकार ने प्राइमरी और अपर प्राइमरी शिक्षकों के अंतरजनपदीय पारस्परिक तबादलों के लिए पुरुष शिक्षकों की 5 वर्ष और महिला शिक्षकों की 2 वर्ष की न्यूनतम सेवा अवधि की बाध्यता को खत्म कर दिया है। इस संबंध में सोमवार को शासनादेश जारी किया गया। इससे 4.30 लाख से अधिक शिक्षक अब इस प्रक्रिया का लाभ उठा सकेंगे।
**तबादला प्रक्रिया के नियम**
- तबादले ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से ही स्वीकार होंगे।
- आवेदन पत्र की स्वप्रमाणित छाया प्रति निर्धारित समय के भीतर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करनी होगी।
- तबादले ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान ही प्रभावी होंगे।
- तबादले के बाद शिक्षकों को संबंधित जिले की वरिष्ठता सूची में सबसे नीचे रखा जाएगा।
**तबादले के लिए समिति का गठन**
तबादले की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जिले स्तर पर समिति बनाई जाएगी। इसमें:
- सीडीओ (मुख्य विकास अधिकारी) अध्यक्ष होंगे।
- जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य सदस्य होंगे।
- वित्त और लेखा अधिकारी (बेसिक शिक्षा) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (डीबीईओ) भी शामिल होंगे।
**महत्वपूर्ण निर्देश**
- तबादले के बाद शिक्षकों को आवेदन वापस लेने की अनुमति नहीं होगी।
- जिन शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही चल रही है, वे कार्यवाही पूरी होने के बाद ही कार्यमुक्त हो सकेंगे।
- तबादलों की जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर 7 दिनों के भीतर अपडेट की जाएगी।
**नियुक्ति और पदोन्नति के लिए नया मसौदा**
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यूजीसी 2025 के नए मसौदे की घोषणा की। इसमें:
- उम्मीदवार अपने पसंदीदा विषय में नेट/सेट देकर शिक्षक बन सकते हैं।
- समग्र मूल्यांकन पर जोर दिया गया है। स्कोर आधारित शॉर्टलिस्टिंग को हटाया गया है।
- कला, खेल, और पारंपरिक विषयों के विशेषज्ञों के लिए भर्ती का विशेष रास्ता खोला गया है।
