**DPDP एक्ट 2023: बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट्स के लिए जरूरी पैरेंट्स की सहमति**
**क्या है डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023?**
डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023, का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स की डेटा प्राइवेसी को सुनिश्चित करना है। इस कानून के तहत, विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा पर जोर दिया गया है। इसके तहत, सोशल मीडिया कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के अकाउंट बिना पैरेंट्स की सहमति के न बनाएं।
**पेरेंट्स की सहमति क्यों है जरूरी?**
डिजिटल युग में सोशल मीडिया का बढ़ता उपयोग बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास पर असर डाल सकता है। इस नियम का उद्देश्य बच्चों को ऑनलाइन खतरों जैसे साइबर बुलिंग, डेटा चोरी, और अनुचित सामग्री से बचाना है। पेरेंट्स की सहमति यह सुनिश्चित करेगी कि बच्चे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से उपयोग करें।
**सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी**
ड्राफ्ट के अनुसार, सोशल मीडिया कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे बच्चों की सहमति के बिना उनकी जानकारी एकत्र न करें। साथ ही, कंपनियों को एक पेरेंटल कंट्रोल सिस्टम लागू करना होगा, जिससे पेरेंट्स अपने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रख सकें।
**जनता की राय और आगे की प्रक्रिया**
यह ड्राफ्ट फिलहाल जनता की राय के लिए खुला है। नागरिक इस पर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कर सकते हैं। सरकार इन सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम नियम जारी करेगी।
