भारत में छात्रों की स्कूलिंग अवधि बढ़ी
देश में पिछले नौ साल में करीब 12 लाख अतिरिक्त महिला शिक्षक स्कूलों में नियुक्त हुई हैं। इसके अलावा स्कूलों की गुणवत्ता को लेकर कई मानकों में सुधार हुआ है। इसकी वजह से भारत में छात्रों का स्कूलिंग में समय बिताने का औसत बढ़ रहा है।
स्कूलिंग अवधि में वृद्धि
यह वर्ष 2013 में 11.81 वर्ष का था। अब यह बढ़कर 13.28 वर्ष तक पहुंच गया है। यानी अब छात्र ज्यादा समय तक स्कूलों में टिक रहे हैं और स्कूल से उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाने का रुझान सकारात्मक है।
छात्रों के मूवमेंट को ट्रैक करने का प्रयास
अधिकारियों का कहना है कि हम यूनीक आईडी से छात्रों के मूवमेंट को ट्रैक करके एक वास्तविक डेटा बैंक तैयार करने का प्रयास रहे हैं जिससे यह पता चल सके कि छात्र कब और कहां पढ़ाई कर रहे हैं। इससे यह भी पता चलेगा कि छात्रों ने किस स्तर पर स्कूलिंग छोड़ी।
प्रति छात्र खर्च में वृद्धि
करीब 18 करोड़ छात्रों का डेटा एकत्र किया गया था। इनमें से 11 करोड़ का सत्यापन किया गया। शिक्षा मंत्रालय द्वारा एकत्र डेटा यह भी बताता है कि पिछले दस सालों में प्रति छात्र खर्च 130 फीसदी बढ़ा है। इससे स्कूलों में नामांकन से लेकर अधारभूत ढांचे में बढ़ोतरी हुई है।
शिक्षा में सुधार की दिशा में कदम
यह डेटा यह बताता है कि देश में शिक्षा में सुधार की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। स्कूलों में नामांकन बढ़ने और प्रति छात्र खर्च में वृद्धि होने से यह स्पष्ट होता है कि देश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।
