गुजरात पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में रूसी नागरिक को गिरफ्तार किया। जानिए कैसे गिरोह ने व्यवसायी से 17 लाख रुपये ठगे।









गुजरात पुलिस: साइबर ठगी में रूसी नागरिक गिरफ्तार

गुजरात पुलिस ने साइबर ठगी में रूसी नागरिक को किया गिरफ्तार

तारीख: 3 जनवरी, 2025

घटना का विवरण

गुजरात पुलिस ने एक रूसी नागरिक अनातोली मिरोनोव को ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ मामले में गिरफ्तार किया है। मिरोनोव रूस के ऑरेनबर्ग शहर का निवासी है और चीन से संचालित साइबर ठगी के गिरोह के लिए ‘गेटकीपर’ (बिचौलिया) का काम करता था।

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गिरोह ने अहमदाबाद के एक व्यवसायी से 17 लाख रुपये ठगने की वारदात को अंजाम दिया था। व्यवसायी ने अक्तूबर में अहमदाबाद साइबर क्राइम सेल से संपर्क किया था और बताया कि कस्टम और पुलिस अधिकारी बनकर कुछ लोगों ने उससे यह रकम वसूली थी।

कैसे काम करता था गिरोह?

अनातोली मिरोनोव, अपने चीनी बॉस के आदेश पर ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित करता था। इन पैसों को क्रिप्टोकरेंसी में बदलने में भी वह मदद करता था।

साइबर क्राइम सेल के सहायक पुलिस आयुक्त हार्दिक मकाडिया ने बताया कि ‘गेटकीपर’ का काम अपराध की आय को ट्रैक करना और उसे गिरोह के खातों में स्थानांतरित करना है। यह गिरोह चीन से संचालित होता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर अपराध करता है।

ठगी का तरीका

  • गिरोह के सदस्य कस्टम और पुलिस अधिकारी बनकर शिकार को डराते हैं।
  • ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं।
  • रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर अन्य खातों में ट्रांसफर किया जाता है।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने मामले की जांच के बाद अनातोली मिरोनोव को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह चीन से संचालित होता है, और पुलिस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

निष्कर्ष

यह घटना दिखाती है कि साइबर अपराध किस तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित होते हैं और इसमें तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग किया जाता है। गुजरात पुलिस की तत्परता से गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, लेकिन यह भी स्पष्ट है कि साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता है।


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