बिहार में भाजपा-जदयू नेतृत्व विवाद और लालू का महागठबंधन का न्योता
तारीख: 3 जनवरी, 2025
राजग में नेतृत्व को लेकर असमंजस
बिहार में राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के घटक दल भाजपा और जदयू के बीच नेतृत्व को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी कि “मुख्यमंत्री पद का चेहरा घटक दल मिल बैठकर तय करेंगे,” ने इस गुत्थी को और उलझा दिया है।
जदयू चाहती है कि भाजपा सार्वजनिक रूप से नीतीश कुमार को गठबंधन का चेहरा घोषित करे, जबकि भाजपा अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में है।
लालू यादव का महागठबंधन में वापसी का न्योता
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को महागठबंधन में वापस आने का न्योता दिया। लालू के इस प्रस्ताव पर नीतीश कुमार की मुस्कुराहट ने बिहार की सियासी तपिश को और बढ़ा दिया है।
हालांकि, लालू के पुत्र और राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस प्रस्ताव को सिरे से नकारते हुए कहा कि महागठबंधन में नीतीश के लिए कोई जगह नहीं है।
नीतीश को अलग-थलग करने की रणनीति
तेजस्वी यादव चाहते हैं कि राजग की अंदरूनी लड़ाई में नीतीश कुमार कमजोर पड़ें। उनका मानना है कि यदि नीतीश मजबूती के साथ महागठबंधन में लौटते हैं, तो उन्हें नेतृत्व छोड़ना होगा। इसलिए तेजस्वी ने अपने पिता के बयान के उलट कहा कि महागठबंधन में नीतीश के लिए कोई स्थान नहीं है।
जदयू की चिंताएं: महाराष्ट्र फॉर्मूले का डर
जदयू को डर है कि भाजपा महाराष्ट्र फॉर्मूला अपना सकती है। महाराष्ट्र में भाजपा ने चुनाव से पहले शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाया, लेकिन चुनाव बाद देवेंद्र फडणवीस को सत्ता में लाया।
जदयू चाहती है कि भाजपा सार्वजनिक रूप से नीतीश को गठबंधन का चेहरा घोषित करे, ताकि भविष्य में कोई भ्रम की स्थिति न रहे।
सीट बंटवारे पर भी तनाव
राजग में घटक दलों की संख्या बढ़ने से सीट बंटवारा एक बड़ा मुद्दा बन गया है। पिछली बार जदयू 115, भाजपा 110 और अन्य दल 18 सीटों पर लड़े थे।
इस बार उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान की पार्टियों के शामिल होने से सीटों की मांग बढ़ गई है। जदयू सबसे अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, जबकि भाजपा बड़े भाई की भूमिका निभाने को तैयार है।
निष्कर्ष
बिहार की राजनीति में नेतृत्व विवाद और गठबंधन की खींचतान ने सियासी परिदृश्य को और पेचीदा बना दिया है। नीतीश कुमार की भूमिका को लेकर असमंजस और लालू यादव के न्योते ने सियासी गर्मी बढ़ा दी है।
आने वाले विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे और नेतृत्व के मुद्दे पर राजग का रुख बिहार की राजनीति की दिशा तय करेगा।
