डिजिटल डिटॉक्स: बच्चों को रचनात्मकता और प्रकृति की ओर प्रेरित करने की पहल
14 से 18 वर्ष के छात्र-छात्राओं को स्मार्टफोन, टैबलेट, और सोशल मीडिया से दूर रखने के लिए मनोविज्ञानशाला द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर डिजिटल डिटॉक्स के जरिए बच्चों को रचनात्मकता की ओर ले जाने की योजना तैयार की गई है।
प्राकृतिक जुड़ाव: गतिविधि 1
पहली गतिविधि का उद्देश्य छात्रों को प्रकृति के साथ जुड़ाव महसूस कराना है। शिक्षक उन्हें स्कूल मैदान का भ्रमण कराएंगे, गमलों में पौधे लगाने को कहेंगे, और छात्रों को पूरे साल पौधों की देखभाल का प्रोजेक्ट देंगे। बेहतर देखभाल करने वाले बच्चों को प्रोत्साहन प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।
रचनात्मकता को बढ़ावा: गतिविधि 2
दूसरी गतिविधि में छात्र-छात्राओं को क्राफ्ट कार्य से जोड़ा जाएगा। शिक्षक ब्लैकबोर्ड पर विभिन्न सामग्रियों जैसे कैंची, गोंद, कागज, आदि के नाम लिखेंगे और छात्रों को मन को एकाग्र कर नई वस्तुएं बनाने को कहेंगे। इसके बाद, छात्रों को अपनी बनाई चीजों का प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा।
पढ़ने की आदत विकसित करना: गतिविधि 3
शिक्षक बच्चों को लाइब्रेरी में ले जाएंगे, जहां वे अपनी रुचि के अनुसार पुस्तक, पत्रिका, या अखबार चुन सकेंगे। छात्रों को पढ़ी गई कहानी या लेख को अगले दिन कक्षा में सुनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ, प्रतिदिन अखबार पढ़ने की आदत डालने पर जोर दिया जाएगा।
समय का सदुपयोग: गतिविधि 4
इस गतिविधि में छात्रों को पहले कुछ समय शांति से आंख बंद कर बैठने के लिए कहा जाएगा। इसके बाद, वे लिखेंगे कि वे प्रतिदिन कितना समय स्क्रीन पर बिताते हैं। उन्हें नॉन-डिजिटल रुचियों को प्रदर्शित करने और उनके महत्व को समझाने का मौका दिया जाएगा।
